बहन की मौत पर भाई ने फेसबुक के जरिए पीएम और सीएम से की ये मांग, पढ़कर नम हो जाएंगी आंखें

एक ओर जहां हमारे देश में बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ जैसे अभियानों पर जोर दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद कई मंचों से बेटियों को आगे बढ़ाने का बातें किया करते हैं, वहीं अब भी यहां दहेज जैसी कुप्रथा ने नाम पर बेटियों की बलि दी जा रही है। देश में औसतन हर घंटे एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है।

दहेज प्रथा की ही शिकार हुई एक महिला की मौत का मामला तब तूल पकड़ा, जब उसके भाई ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाई। उसने अपनी बहन की मौत के बाद फेसबुक पर पोस्ट लिखा और मांग की, कि सरकार बेटियों की सुरक्षा को लेकर कड़े कानून बनाए। लड़का उत्तरप्रदेश के झांसी का रहने वाला है।


दरअसल, 25 सितंबर के दिन उस लड़के की बहन राखी की मौत हो गई। राखी की मौत उसके ससुराल में हुई। उसकी शादी को महज अभी 4 महीने ही बीते थे। 4 महीने पहले जिस बहन की शादी बड़े ही धूम-धाम से की गई थी, किसी को क्या पता था कि ये शादी ही उसकी बहन की जान ले लेगी। वो अपने बहन को एक ऐसे परिवार में भेज रहा था, जहां रिश्तों की नहीं, पैसों की कद्र की जाती है।
 न को शशिकांत और राखी की शादी हुई थी। जिसके बाद 25 सितंबर को राखी का शव उसके बेडरुम में पंखे से लटका हुआ मिला। लड़की के पिता का कहना है कि शादी के बाद बेटी के ससुराल वाले उससे दहेज की मांग कर रहे थे। जिससे मेरी बेटी परेशान रहने लगी थी। उसने हम लोगों को इसके बारे में बताया था। वो शादी से पहले बहुत खुश थी और अपनी शादी को लेकर काफी उत्साहित भी थी।

वहीं लड़की के पति और ससुर का कहना है कि सुबह वो दूध लेने गए थे। जिसके बाद राखी से सुबह 6 बजे घर का सारा काम निपटाकर आत्महत्या कर ली। वो जब घर आए तो राखी पंखे से लटकी हुई मिली।


पुलिस ने जब शव का पोस्टमार्टम करवाया तो कुछ और ही बात निकलकर सामने आई। पोस्टमार्टम के मुताबिक राखी की मौत 12 घंटे पहले हुई थी। यानि की रात 1 से 2 बजे के बीच। पुलिस ने राखी के पति और ससुर को गिरफ्तार कर लिया है।

राखी के भाई ने फेसबुक पर किए पोस्ट में ये साफ लिखा है कि उसके बहन के कातिलों ने ये बात कही है कि पुलिस वाले हमारा कुछ नहीं बिगाड़ पाएंगे। देश में ना जाने कितने ऐसे केस होंगे जिसमें ऐसे कातिल खुले आम सड़कों पर धूम रहे होंगे। ऐसे में हम भी राखी के भाई की उस मांग के साथ खड़े हैं जिसमें उसमें बेटियों की सुरक्षा के लिए कड़े कानून बनाने की मांग की है।

आखिरकार जहां हमारे देश में महिलाएं तरक्की की नई बुलंदियों को छू रही है, वैसे में दूसरी ओर उन्हें दहेज की खातिर मौत के घाट उतार जिया जाता है। ये हमारे देश का दुर्भाग्य है कि यहां दहेज को कानून जुर्म तो मान लिया गया है, लेकिन इसे लेकर समाज में अब भी गंभीरता दिखाई नहीं देती।

Inderpreet Sharma